Lajwab Shayari

Author: Arun Sharma  //  Category: Misc.
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जुदाई का गम
By : Sahejad Quadri
जुदाई का मुझे गम भी है कोई ऐसी खता ना करे
पर दुख क्या करे तेरे बिन कैसे जीये
आंखो मे प्यार लिये बोलो कहाँ कहाँ फिरे
सजनी पास बुलाओ ना के दिल आज टूटा है
सजनी मान जाओ ना के वो आज रूठा है
हमे दिल से भुलाओ ना अब येही कहना है

आपकी हमसे पहचान नही होती
By : Sahejad Quadri
खुदा से कोई बात अंजान नही होती
हर किसी की नियत बेमान नही होती
कभी मांग़ा होगा आपने एक प्यारा दोस्त
यूँ ही आपकी हमसे पहचान नही होती

आसमा के तारे
By : Sayarpan
आसमा के तारे अक्सर पूछते है हमसे
क्या तुम्हे आज भी इन्तेज़ार है उसके लौट आने का
मेरा दिल मुस्कुरा के कहते है
मुझे तो अब तक यकीन ना हुआ उसके चले जाने का

ये दुनियाँ ही जन्नत है
By : Sahejad Quadri
ये दुनियाँ ही जन्नत थी
ये दुनियाँ ही जन्नत है
सब कुछ खोकर आज ये
हम पे क्या हुआ है
जाने ये कैसी आग लगी है
जिसमे धुआँ ना चिंगारी है

सजनी पास बुलाओ ना
By : Sahejad Quadri
मै तेरी आंखो मे रहता हूँ तुझे पता ना चले
तेरे हर पल मे गुज़रा हूँ तुझसे पता ना चले
पर दुख क्या करे तेरे बिन कैसे जीये
आंखो मे प्यार लिये बोलो कहाँ कहाँ फिरे
खफा तो हम भी है तुम भी हो हमे पता ना चले

हिचकियाँ क्यो आने लगी है
By : MUSKAAN RIDA
ये हिचकियाँ क्यो आने लगी है
फिज़ाओ मे खुशबू सी छाने लगी है
ये सोच कर दिल है बहुत खुश
कि शायद किसी को मेरी याद आने लगी है

दिवानो को दिन क्या है रात क्या
By : Sahejad Quadri
खुद का नही है भरोसा कोई दुनियाँ का साथ क्या
रोने से कही अच्छा है तू गले झूम के
फूलो का जला दे सिना कांटो को चूम के
हम दिवाने है दिवानो को दिन क्या है रात क्या

भूल जा कस्मे तोड दे वादे
By : Sahejad Quadri
भूल जा कस्मे तोड दे वादे
ना बदले किसी ने यहाँ इरादे
हुस्न भी झूठा प्यार भी झूठा
वफा भी झूठी यार भी झूठा
रही ये दुनियाँ उसकी होकर
मार दे दुनियाँ जिसको ठोकर

शीशे की उम्र प्यार की आखिरी बिस्त क्या
By : Sahejad Quadri
शीशे की उम्र प्यार की आखिरी बिस्त क्या
टुटा जो दिल किसका तो गैरत की बात क्या
हम अपने लिये जीते है हमे जहाँ से क्या
हम खुन-ए-जिगर पीते है हमे जहाँ से क्या

ईद के रोज़
By : Ashique-E-Bimar
इतने मजबूर थे ईद के रोज़ तक़दीर से हम
रो पडे मिलके गले आपकी तस्वीर से हम
राहो की ये शाम और यादो का ये समा
अपनी पलको मे हरगीज़ सितारे ना लायेंगे
रखना जरूर सम्भाल के तुम कुछ खुशियाँ मेरे लिये
मै लौट के आंऊगा फिर ईद मनायेंगे
देख कर ईद का चाँद ये दुआ मांग़ रहे है
ए खुदा उन आंखो मे ये चाँद हमेशा चमके
पिछली ईद मे जितना याद किया था उन्हे
या खुदा इस साल ईद सिर्फ याद मे ना गुज़रे

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Mast Shayari

Author: Arun Sharma  //  Category: Misc.
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कौन किसको दिल
By : Sameer
कौन किसको दिल मे जगह देता है
दरखत भी सुखे पतो को गिरा देता है
वाकिफ है हम दुनियाँ के रिवाज़ो से
दिल भर जाये तो हर कोई ठुकरा देता है

तू चाँद है
By : VIPUL PATEL MODASA
तू चाँद है शर्मा ना कर
फुल से चेहरे को मुर्झाया ना कर
जब तक हम ज़िन्दा है तेरा प्यार बन कर
तब तक किसी भी बात से घबराया ना कर

आपका प्यार पाने के लिये
By : Pawan Verma
आपका प्यार पाने के लिये हमने क्या नही कदम उठाये
आपसे मिलने की दुआ करके रब से हम इतने है घबराये
जब आया मिलने का वो सुहाना मौसम भरा दिन
कि आप आये या हम वैसे ही ख्यालो मे मुस्कुराये

प्यार से प्यार
By : Anshul
प्यार से प्यार करना भी एक नशा है
दिल लेके दिल देना भी एक नशा है
दिलो मे दर्द तो होता ही है दोस्त
मगर उस दर्द को पीना भी एक नशा है

Majboor
Dil ki mere beqarari mujhse kuchh puchho nahi
Ab teri yaad se
Mere sabar ka Imtehaan na le
Mujhe Kisi Se Mohabbat Nahi Tere Siwa
Meri Mohabbat Par Sanam Kar Lo Yakeen
Aapki hamse pehchan nahi hoti
Hichki kyon aane lagi hai
DEWANON KO DIN KYA HAI RAAT KYA
BHOOL JA KASMEIN TOD DE WAADE

एक मुद्दत से है By : Sameer
एक मुद्दत से है छिपाये अश्क़ पलको मे
दिल गम से है भरा पर रोये नही
कोई नही जो पुछे एक बार हमसे 'जान'
जाग रहे हो किस के लिये? अभी सोये नही

ज़िन्दगी इतनी उदास नही
By : Gurpreet Singh
ज़िन्दगी इतनी उदास नही
जितनी तुम समझते हो
मौत से तो बहतर हो
क्यो नही समझते हो
यूँ ना खोई इससे
अपने मे ही खोकर
ज़िन्दगी जीने के लिये है
इतना तो समझते हो

इन आंखो से
By : Anshul
इन आंखो से आज किसी का दीदार हुआ है
मुद्दत के बाद दिल ने इकरार किया है
आज हम ही हमारे बस मे नही
लगता है हमे उनसे प्यार हुआ है

कहना तो बहुत
By : Anshul
कहना तो बहुत कुछ चाहते थे उन्हे
मगर इस जुबान ने कहने ना दिया
कभी वक़्त की खामोशी मे खामोश रहे हम
तो कभी उनकी खामोशी ने कुछ कहने ना दिया

मुझ पर क्या गुजरेगी
By : Gurpreet Singh
मुझ पर क्या गुजरेगी
ये भी नही सोचा
तुम तो अपनी बात
बेदर्दी से कह गये
साथ साथ मिल कर
वो गीत तन्हाई मे
गुन - गुना कर रह गये

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